menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १६
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
व्रह्मस्वहारिणश्चैव राजपिण्डापहारिणः |  ३०   क
शरणागतं च त्यजतो याचमानं तथा घ्नतः ||  ३०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति