menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १६
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
एतस्मिन्नन्तरे शून्ये धर्मराजमहं नृप |  ७   क
ग्रहीष्यामि चमूं भित्त्वा धृष्टद्युम्नस्य पश्यतः ||  ७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति