menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १६७
chevron_left
chevron_right
अर्जुन उवाच
न्यस्तशस्त्रमधर्मेण घातय़ित्वा गुरुं भवान् |  ३८   क
रक्षत्विदानीं सामात्यो यदि शक्नोषि पार्षतम् ||  ३८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति