menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
सुवृत्तोरुकटीजङ्घं सुपादं स्वङ्गुलीनखम् |  १२   क
स्मृत्वा स्मृत्वैव च गुणान्धात्रा यत्नाद्विनिर्मितम् ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति