menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १६०
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
नभः सचन्द्रतारं च नक्षत्राणि ग्रहांस्तथा |  १४   क
संवत्सरानहोरात्रानृतूनथ लवान्क्षणान् ||  १४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति