menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १६०
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
इन्द्रवैश्रवणावेतां दिशं पाण्डव रक्षतः |  ५   क
पर्वतैश्च वनान्तैश्च काननैश्चोपशोभिताम् ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति