उद्योग पर्व  अध्याय ८६

वैशम्पाय़न उवाच

यत्तु कार्यं महावाहो मनसा कार्यतां गतम् |  ९   क
सर्वोपाय़ैर्न तच्छक्यं केनचित्कर्तुमन्यथा ||  ९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति