menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १६१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
हताश्वा हतसूताश्च निश्चेष्टा रथिनस्तदा |  १९   क
जीवन्त इव तत्र स्म व्यदृश्यन्त भय़ार्दिताः ||  १९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति