menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ८६
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
स भवान्मय़ि निक्षेपो निक्षिप्तः सव्यसाचिना |  २१   क
भारद्वाजाद्भय़ं नित्यं पश्यमानेन ते प्रभो ||  २१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति