menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ५४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
स पाण्डवैः परिवृतः कुरुराजस्तवात्मजः |  १०   क
मत्तस्येव गजेन्द्रस्य गतिमास्थाय़ सोऽव्रजत् ||  १०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति