menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १६२
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
संवत्सरं व्रह्मचारी निय़तः संशितव्रतः |  १६   क
स जीवेत निरावाधः सुसुखी शरदां शतम् ||  १६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति