menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १६२
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
रथनेमिस्वनश्चैव घण्टाशव्दश्च भारत |  २   क
पृथग्व्यालमृगाणां च पक्षिणां चैव सर्वशः ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति