menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १६२
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
धनञ्जय़श्च तेजस्वी प्रणिपत्य पुरन्दरम् |  ८   क
भृत्यवत्प्रणतस्तस्थौ देवराजसमीपतः ||  ८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति