menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १६२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
वाताय़मानैरसकृद्धतवीरैरलङ्कृतैः |  ४४   क
व्यजनैः कङ्कटैश्चैव ध्वजैश्च विनिपातितैः ||  ४४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति