menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १६३
chevron_left
chevron_right
अर्जुन उवाच
स मामभ्येत्य समरे तथैवाभिमुखं स्थितम् |  ४३   क
शूलपाणिरथोवाच तुष्टोऽस्मीति परन्तप ||  ४३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति