menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १६३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
यद्यदस्त्रं स पार्थाय़ प्रय़ुङ्क्ते विजिगीषय़ा |  ३०   क
तस्यास्त्रस्य विघातार्थं तत्तत्स कुरुतेऽर्जुनः ||  ३०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति