menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १६३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
स वध्यमानेष्वस्त्रेषु दिव्येष्वपि यथाविधि |  ३१   क
अर्जुनेनार्जुनं द्रोणो मनसैवाभ्यपूजय़त् ||  ३१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति