आदि पर्व  अध्याय १६४

गन्धर्व उवाच

स हि तान्याजय़ामास सर्वान्नृपतिसत्तमान् |  ११   क
व्रह्मर्षिः पाण्डवश्रेष्ठ वृहस्पतिरिवामरान् ||  ११   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति