menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १६४
chevron_left
chevron_right
अर्जुन उवाच
व्युषितो रजनीं चाहं कृत्वा पूर्वाह्णिकक्रिय़ाम् |  २   क
अपश्यं तं द्विजश्रेष्ठं दृष्टवानस्मि यं पुरा ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति