menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १६४
chevron_left
chevron_right
अर्जुन उवाच
संसिद्धस्त्वं महावाहो कुरु कार्यमनुत्तमम् |  ३३   क
पश्य पुण्यकृतां लोकान्सशरीरो दिवं व्रज ||  ३३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति