menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १६४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततस्तं शरवर्षेण महता समवाकिरत् |  १२३   क
व्यशातय़च्च सङ्क्रुद्धो धृष्टद्युम्नममर्षणः ||  १२३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति