menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १८५
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
इत्येतन्मात्स्यकं नाम पुराणं परिकीर्तितम् |  ५३   क
आख्यानमिदमाख्यातं सर्वपापहरं मय़ा ||  ५३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति