आदि पर्व  अध्याय १६५

गन्धर्व उवाच

अर्वुदेन गवां व्रह्मन्मम राज्येन वा पुनः |  १६   क
नन्दिनीं सम्प्रय़च्छस्व भुङ्क्ष्व राज्यं महामुने ||  १६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति