आदि पर्व  अध्याय १६५

गन्धर्व उवाच

कशादण्डप्रतिहता काल्यमाना ततस्ततः |  २२   क
हम्भाय़माना कल्याणी वसिष्ठस्याथ नन्दिनी ||  २२   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति