menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १६५
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
व्रह्मवर्चसहीनस्य स्वाध्याय़विरतस्य च |  ३   क
गोत्रमात्रविदो राजा निवासं समपृच्छत ||  ३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति