menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १६५
chevron_left
chevron_right
अर्जुन उवाच
अभेद्यं कवचं चेदं स्पर्शरूपवदुत्तमम् |  १४   क
अजरां ज्यामिमां चापि गाण्डीवे समय़ोजय़त् ||  १४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति