menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १६५
chevron_left
chevron_right
अर्जुन उवाच
तानव्रुवं यथाभूतमिदं कर्तास्मि संय़ुगे |  १७   क
निवातकवचानां तु प्रस्थितं मां वधैषिणम् |  १७   ख
निवोधत महाभागाः शिवं चाशास्त मेऽनघाः ||  १७   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति