menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १६५
chevron_left
chevron_right
अर्जुन उवाच
त्वमप्येतेन कौन्तेय़ निवातकवचान्रणे |  २०   क
विजेता युधि विक्रम्य पुरेव मघवान्वशी ||  २०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति