menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १६५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
स चाद्य पतितः शेते पृष्टेनावेदितस्तव |  ३२   क
धर्मराजेन तद्वाक्यं नातिशङ्कितुमर्हसि ||  ३२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति