menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १६५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
सङ्ग्रामे क्रिय़तां यत्नो व्रवीम्येष पुनः पुनः |  ३४   क
पाण्डवेभ्यः शिवं वोऽस्तु शस्त्रमभ्युत्सृजाम्यहम् ||  ३४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति