menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १६५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
रजस्वला वेपमाना वीक्षमाणा दिशो दश |  ७०   क
अश्रुकण्ठा यथा दैत्या हिरण्याक्षे पुरा हते ||  ७०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति