आदि पर्व  अध्याय १६६

गन्धर्व उवाच

ततोऽर्धरात्र उत्थाय़ सूदमानाय़्य सत्वरम् |  २४   क
उवाच राजा संस्मृत्य व्राह्मणस्य प्रतिश्रुतम् ||  २४   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति