menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १६६
chevron_left
chevron_right
अर्जुन उवाच
तेन तेषां प्रणुन्नानामाशुत्वाच्छीघ्रगामिनाम् |  १७   क
नान्वपश्यं तदा किञ्चित्तन्मेऽद्भुतमिवाभवत् ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति