menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ४०
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
स जानुभ्यां महीं गत्वा शिरसा प्रणिपत्य च |  ५६   क
प्रसादय़ामास हरं पार्थः परपुरञ्जय़ः ||  ५६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति