आदि पर्व  अध्याय १६७

गन्धर्व उवाच

त्राहि मां भगवन्पापादस्माद्दारुणदर्शनात् |  २१   क
रक्षो अत्तुमिह ह्यावां नूनमेतच्चिकीर्षति ||  २१   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति