menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १११
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ते तस्य कवचं भित्त्वा तथा वाहुं च दक्षिणम् |  १५   क
अभ्यगुर्धरणीं तीक्ष्णा वल्मीकमिव पन्नगाः ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति