menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १६७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
क एष कौरवान्दीर्णानवस्थाप्य महारथः |  २४   क
निवर्तय़ति युद्धार्थं मृधे देवेश्वरो यथा ||  २४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति