menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १६७
chevron_left
chevron_right
अर्जुन उवाच
स सत्यकञ्चुकं नाम प्रविष्टेन ततोऽनृतम् |  ३५   क
आचार्य उक्तो भवता हतः कुञ्जर इत्युत ||  ३५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति