menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय ६९
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
जाय़ा जनय़ते पुत्रमात्मनोऽङ्गं द्विधा कृतम् |  ३१   क
तस्माद्भरस्व दुःषन्त पुत्रं शाकुन्तलं नृप ||  ३१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति