menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १६८
chevron_left
chevron_right
व्राह्मण उवाच
पूर्वदेहकृतं कर्म शुभं वा यदि वाशुभम् |  ३७   क
प्राज्ञं मूढं तथा शूरं भजते यादृशं कृतम् ||  ३७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति