menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १३८
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
नास्ति जात्या रिपुर्नाम मित्रं नाम न विद्यते |  ५१   क
सामर्थ्ययोगाज्जाय़न्ते मित्राणि रिपवस्तथा ||  ५१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति