शान्ति पर्व  अध्याय २४२

व्यास उवाच

आत्मनोऽव्ययिनो ज्ञात्वा इदं पुत्रानुशासनम् |  २०   क
प्रय़ताय़ प्रवक्तव्यं हिताय़ानुगताय़ च ||  २०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति