menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १६३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
अति पाण्डवमाचार्यो द्रोणं चाप्यति पाण्डवः |  ३८   क
नानय़ोरन्तरं द्रष्टुं शक्यमस्त्रेण केनचित् ||  ३८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति