आदि पर्व  अध्याय १६९

गन्धर्व उवाच

जातकर्मादिकास्तस्य क्रिय़ाः स मुनिपुङ्गवः |  २   क
पौत्रस्य भरतश्रेष्ठ चकार भगवान्स्वय़म् ||  २   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति