आदि पर्व  अध्याय १६९

गन्धर्व उवाच

परासुश्च यतस्तेन वसिष्ठः स्थापितस्तदा |  ३   क
गर्भस्थेन ततो लोके पराशर इति स्मृतः ||  ३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति