menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १६९
chevron_left
chevron_right
अर्जुन उवाच
हतैर्निवातकवचैर्निरस्तैः पर्वतोपमैः |  १८   क
समाच्छाद्यत देशः स विकीर्णैरिव पर्वतैः ||  १८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति