menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १६९
chevron_left
chevron_right
अर्जुन उवाच
व्यपय़ातेषु दैत्येषु प्रादुर्भूते च दर्शने |  ४   क
अपश्यं दानवांस्तत्र हताञ्शतसहस्रशः ||  ४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति