menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १७
chevron_left
chevron_right
उपमन्युरु उवाच
सर्वाशय़ो दर्भशाय़ी सर्वेषां प्राणिनां पतिः |  १०५   क
देवदेवमुखोऽसक्तः सदसत्सर्वरत्नवित् ||  १०५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति