अनुशासन पर्व  अध्याय १७

उपमन्युरु उवाच

कैलासशिखरावासी हिमवद्गिरिसंश्रय़ः |  १०६   क
कूलहारी कूलकर्ता वहुविद्यो वहुप्रदः ||  १०६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति