menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १७
chevron_left
chevron_right
उपमन्युरु उवाच
देवासुरमहामात्रो देवासुरगणाश्रय़ः |  १४२   क
देवासुरगणाध्यक्षो देवासुरगणाग्रणीः ||  १४२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति